हेमकुंड साहिब के बारे में
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब सिख श्रद्धालुओं के सबसे पूज्य तीर्थों में से एक है। यह गुरु गोबिंद सिंह जी को समर्पित है और उत्तराखंड के हिमालय में लगभग 4,632 मीटर की ऊँचाई पर, एक शांत हिमनद सरोवर के किनारे, सात बर्फ़ीली चोटियों से घिरा है। पारंपरिक पैदल रास्ता गोविंदघाट और घांघरिया होकर जाता है, और हेलीकॉप्टर इसी रास्ते को छोटा कर देता है।
गोविंदघाट से घांघरिया हेलीकॉप्टर
- रास्ता: गोविंदघाट से घांघरिया (गोविंद धाम), लगभग 14 किमी, करीब 8 मिनट में।
- हेलीकॉप्टर: हर उड़ान में 5 यात्री।
- समय: सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक, मौसम ठीक होने पर।
- सामान: प्रति व्यक्ति अधिकतम 5 किलो, और उड़ान में 2 किलो तक का एक छोटा बैग।
हेलीकॉप्टर गुरुद्वारे तक नहीं जाता। घांघरिया से गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब तक लगभग 6 किमी की चढ़ाई पैदल, घोड़े या पालकी से होती है, इसलिए घांघरिया में रुककर सुबह जल्दी निकलना अच्छा रहता है।
हेलीकॉप्टर की सीट कैसे मिलती है
- IRCTC हेलीयात्रा पर खुद बुक करें। चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पंजीकरण के बाद heliyatra.irctc.co.in पर गोविंदघाट–घांघरिया सीट बुक करें। अपनी तारीख की बुकिंग खुलते ही बुक करें।
- हमारे पैकेज के साथ। BookHelicopter.com के पैकेज ग्राहकों के लिए हम ऑपरेटर की सीट ₹4,000 प्रति व्यक्ति एक तरफ़, टैक्स सहित, उपलब्धता के अनुसार दिला सकते हैं। सीट की गारंटी नहीं है; पुष्टि लिखित में होती है।
हेमकुंड साहिब यात्रा पैकेज
हेलीकॉप्टर से हेमकुंड साहिब यात्रा: गोविंदघाट से शुरू होने वाला 4 दिन का पैकेज, हेलीकॉप्टर सीट ₹4,000 प्रति व्यक्ति एक तरफ़। ठहरने और भोजन के साथ पूरे पैकेज की कीमत आपकी तारीख और यात्रियों की संख्या के हिसाब से बताई जाती है।
- दिन 1: गोविंदघाट पहुँचना।
- दिन 2: गोविंदघाट से घांघरिया, हेलीकॉप्टर से।
- दिन 3: हेमकुंड साहिब दर्शन (और मौसम में, चाहें तो फूलों की घाटी)।
- दिन 4: घांघरिया से गोविंदघाट, हेलीकॉप्टर से।
पैकेज में पैकेज के अनुसार ठहरना, पहुँचने के दिन को छोड़कर रोज़ नाश्ता, अनुरोध पर घोड़ा या पालकी, सड़क ट्रांसफ़र और सभी लागू टैक्स शामिल हैं। घोड़ा और पोर्टर शुल्क अलग से बताए बिना शामिल नहीं होते, और गुरुद्वारे में दान सीधे दिया जाता है।
हेलीकॉप्टर से क्यों जाएँ?
- लंबी चढ़ाई से बचें: कई दिन की कठिन पहाड़ी पैदल यात्रा की जगह जल्दी पहुँचें।
- भरोसेमंद ऑपरेटर: परमिट वाले हेलीकॉप्टर, अनुभवी पायलट और पूरी ज़मीनी सहायता।
- परिवार और बुज़ुर्गों के लिए आसान: हेलीपैड और गुरुद्वारे पर सहायता।
- हिमालय के नज़ारे: बर्फ़ीली चोटियों के ऊपर से उड़ान।
कब जाएँ
गुरुद्वारा केवल गर्मियों के महीनों में खुलता है: कपाट मई के अंत में खुलते हैं और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के आसपास बंद होते हैं। शटल केवल साफ़ मौसम में उड़ता है, इसलिए योजना में एक अतिरिक्त दिन रखें। मई का अंत, जून और सितंबर आमतौर पर सबसे साफ़ उड़ान देते हैं; जुलाई और अगस्त में मानसून के कारण उड़ानें अक्सर रद्द होती हैं।
फूलों की घाटी भी साथ में
घांघरिया फूलों की घाटी का भी आधार है, जो जुलाई से सितंबर के मौसम में खुली रहती है। देखें फूलों की घाटी यात्रा (अंग्रेज़ी में)।
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केदारनाथ भी जाना है? देखें केदारनाथ और हेमकुंड साहिब हेलीकॉप्टर यात्रा, जिसमें दोनों यात्राओं की 6 दिन की योजना है।