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गंगोत्री और यमुनोत्री: छोटा चारधाम के दो पश्चिमी धाम
गंगोत्री भारत के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थों में से है। मान्यता है कि यहाँ राजा भगीरथ ने तपस्या की और भगवान शिव की इच्छा से पवित्र गंगा धरती पर उतरीं; यही गंगा का उद्गम है। यमुनोत्री देवी यमुना का धाम है, जहाँ हज़ारों श्रद्धालु उनका आशीर्वाद लेने आते हैं। हेलीकॉप्टर से यह यात्रा तेज़ और आरामदायक हो जाती है, और रास्ते में हिमालय के सुंदर हवाई दृश्य मिलते हैं।
हेलीकॉप्टर यात्रा का दिन कैसे चलता है
दो धाम हेलीकॉप्टर यात्रा देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड से एक ही दिन में दोनों पश्चिमी धाम कराती है: यमुनोत्री के लिए खरसाली और गंगोत्री के लिए हर्षिल पर लैंडिंग। इससे पहाड़ी सड़कों के कई दिन बचते हैं, पर यह पूरा दिन है, सैर की उड़ान नहीं: यमुनोत्री के लिए चढ़ाई और गंगोत्री के लिए गाड़ी से जाना पड़ता है।
सुबह: देहरादून से खरसाली, और यमुनोत्री की चढ़ाई
संभावित समय-सारणी के अनुसार हेलीकॉप्टर सहस्त्रधारा से 07:00 बजे उड़ता है और लगभग 08:00 बजे खरसाली पहुँचता है। खरसाली हेलीपैड से मंदिर 5 किमी की चढ़ाई है; पैकेज में पोनी शामिल है और पालकी की व्यवस्था की जा सकती है। दर्शन के बाद आप खरसाली लौटते हैं। यमुनोत्री में सब कुछ लैंडिंग और 13:00 बजे के प्रस्थान के बीच पूरा करना होता है, इसलिए दिन का यही हिस्सा सबसे ज़्यादा योजना माँगता है।
दोपहर: खरसाली से हर्षिल, और गंगोत्री तक गाड़ी
13:00 बजे हेलीकॉप्टर खरसाली से हर्षिल के लिए उड़ता है और लगभग 14:00 बजे पहुँचता है। गंगोत्री मंदिर हर्षिल हेलीपैड से 24 किमी दूर है, कार या जीप से एक तरफ़ लगभग 45 मिनट, और कार पैकेज में शामिल है। आप लगभग 15:00 बजे प्राथमिकता दर्शन के लिए मंदिर पहुँचते हैं, फिर हर्षिल लौटते हैं। 16:30 बजे हेलीकॉप्टर हर्षिल से सहस्त्रधारा हेलीपैड, देहरादून के लिए उड़ता है, जहाँ यात्रा पूरी होती है।
ये सभी समय संभावित हैं। रिपोर्टिंग और उड़ान का सही समय प्रस्थान से एक दिन पहले बताया जाता है, और मौसम या संचालन कारणों से आख़िरी समय में बदल सकता है। पूरा दिन विस्तार से: यमुनोत्री और गंगोत्री एक दिन में हेलीकॉप्टर से (अंग्रेज़ी में)। पैकेज की पूरी जानकारी: दो धाम यमुनोत्री गंगोत्री हेलीकॉप्टर से (अंग्रेज़ी में)।
दो धाम पैकेज में क्या शामिल है
हेलीकॉप्टर Bell 407 या AS 350 B3 होता है, जो उपलब्ध हो, और इसमें अधिकतम चार यात्री बैठते हैं। पैकेज में यमुनोत्री में पोनी सेवा, गंगोत्री में कार सेवा, आगमन और प्रस्थान पर सहायता, ड्राइवर सहित वाहन, ईंधन, टोल, पार्किंग और ड्राइवर भत्ता, और सभी लागू टैक्स शामिल हैं।
देहरादून तक की यात्रा, भोजन, टिप, निजी ख़र्च, यात्रा बीमा और जो कुछ शामिल सूची में नहीं है, वह शामिल नहीं है। सभी यात्रियों का कुल वज़न 320 किलो से ज़्यादा नहीं होना चाहिए, हर यात्री 5 किलो तक सामान ले जा सकता है, और केबिन में केवल 2 किलो तक का एक छोटा बैग। बाक़ी सामान देहरादून के होटल में छोड़ें। पहली उड़ान सुबह जल्दी है, इसलिए एक शाम पहले शहर पहुँच जाएँ; वहाँ के हेलीपैड के बारे में देहरादून में हेलीकॉप्टर सेवा पढ़ें।
यह किसके लिए सही है, और कब एक धाम बेहतर है
- कम समय वाले तीर्थयात्री, जो दोनों पश्चिमी धाम उन कई दिनों के बिना करना चाहते हैं जो सड़क से लगते हैं।
- चार तक के परिवार और छोटे समूह, जो एक बुकिंग पर एक हेलीकॉप्टर साझा करते हैं। पूछताछ में सही वज़न बताएँ, क्योंकि 320 किलो की सीमा तय करती है कि कौन साथ उड़ सकता है।
- बुज़ुर्ग तीर्थयात्री जो पोनी पर बैठ सकते हैं। यमुनोत्री की चढ़ाई सबसे कठिन हिस्सा है। अगर कोई पोनी पर नहीं बैठ सकता, तो बुकिंग के समय पालकी के बारे में पूछें।
अगर समूह में किसी के लिए यमुनोत्री की चढ़ाई कठिन है, तो गंगोत्री यात्रा हेलीकॉप्टर से देहरादून से हर्षिल की सुबह की वापसी यात्रा है, बिना किसी चढ़ाई के। केवल यमुनोत्री के लिए यमुनोत्री यात्रा हेलीकॉप्टर से है। चारों धाम आराम से करने हों तो चारधाम यात्रा हेलीकॉप्टर से में एक लंबे दिन की जगह खरसाली और हर्षिल में रात का ठहराव है।
सीज़न, मौसम और एक अतिरिक्त दिन
यमुनोत्री और गंगोत्री दोनों अक्षय तृतीया पर खुलते हैं, आमतौर पर अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में, और सर्दी से पहले बंद होते हैं: गंगोत्री दिवाली के आसपास और यमुनोत्री भाई दूज के आसपास। मई-जून और फिर सितंबर-अक्टूबर उड़ान के लिए आमतौर पर सबसे आसान महीने हैं; जुलाई-अगस्त में मानसून के बादल और बारिश अक्सर उड़ानें रोक देते हैं। महीने-दर-महीने जानकारी के लिए देखें हेलीकॉप्टर से चारधाम यात्रा का सबसे अच्छा समय (अंग्रेज़ी में)।
दो धाम का दिन तीन हेलीपैड, देहरादून, खरसाली और हर्षिल, पर साफ़ मौसम पर निर्भर है। अपनी तय तारीख़ के बाद देहरादून में एक अतिरिक्त दिन रखें, ताकि बादल वाली सुबह का मतलब छूटा दर्शन नहीं, बस थोड़ा इंतज़ार हो।
कीमत किन बातों पर निर्भर है
कीमत अनुरोध पर है। दो धाम की कीमत चार यात्रियों वाले हेलीकॉप्टर के लिए, टैक्स सहित, तय होती है, इसलिए सभी सीटें भरने से प्रति यात्री ख़र्च कम रहता है। कोटेशन इन बातों पर भी निर्भर करता है:
- रास्ता। एक दिन में दोनों धाम, केवल गंगोत्री और केवल यमुनोत्री, ये तीन अलग पैकेज हैं, हर एक की अपनी कीमत।
- आपकी तारीख़। कीमतें बिना पूर्व सूचना के बदल सकती हैं, इसलिए दर आपकी यात्रा की तारीख़ के लिए पक्की की जाती है।
- हेलीकॉप्टर की उपलब्धता। यात्रा Bell 407 या AS 350 B3 में होती है, जो उपलब्ध हो।
- शामिल सूची से बाहर की चीज़ें, जैसे भोजन या ठहराव, जिनका भुगतान अलग से होता है।
भुगतान से पहले क्या जाँचें
- आपकी तारीख़ और समूह के लिए पूरी कीमत लिखित में, टैक्स सहित, हमारे सेवा शुल्क के साथ।
- कि यमुनोत्री में पोनी और गंगोत्री में कार आपकी शामिल सूची में लिखी है।
- हर यात्री का वज़न 320 किलो की कुल सीमा के हिसाब से, और 5 किलो सामान की सीमा।
- भुगतान की शर्तें: यात्रा की 100% राशि जमा करने पर आरक्षण पक्का होता है।
- बदलाव का नियम: योजना में बदलाव यात्रा से कम से कम 21 दिन पहले लिखित में माँगना होता है।
- रद्द करने के स्लैब: 30 या ज़्यादा दिन पहले यात्रा राशि का 10%, 29 से 22 दिन पर 25%, 21 से 16 दिन पर 60% और 15 दिन या कम पर 100%।
- कि सही समय-सारणी प्रस्थान से एक दिन पहले आपको मिल जाएगी।
हेलीकॉप्टर से गंगोत्री-यमुनोत्री क्यों?
- एक दिन में दर्शन: लंबी, थका देने वाली पहाड़ी सड़क यात्रा की जगह दोनों धाम एक ही दिन में।
- भरोसेमंद ऑपरेटर: अनुमति प्राप्त हेलीकॉप्टर, अनुभवी पायलट और पूरा ज़मीनी सहयोग।
- प्राथमिकता दर्शन: मंदिरों और हेलीपैड पर सहायता, ताकि परिवार और बुज़ुर्ग आराम से यात्रा करें।
- सुंदर हवाई दृश्य: बर्फ़ से ढकी हिमालय की चोटियाँ और पवित्र गंगा का उद्गम।