यह यात्रा उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) के सहयोग से चलाई जाती है। संक्षेप में: आप आदि कैलाश के ऊपर से उड़ते हैं, गुंजी या नपलच्यु में दो रातें रुकते हैं, ॐ पर्वत देखने नाभीढांग जाते हैं, और फिर वापस उड़ते हैं।
ॐ पर्वत यात्रा पैकेज एक नज़र में
| अवधि | 3 रात / 4 दिन |
| शुरुआत और समाप्ति | पिथौरागढ़ |
| हेलीकॉप्टर उड़ानें | 4 |
| आदि कैलाश | हेलीकॉप्टर से दर्शन (लैंडिंग नहीं) |
| ॐ पर्वत | नाभीढांग से दर्शन |
| ठहरना | पिथौरागढ़ में होटल, गुंजी या नपलच्यु में गेस्ट हाउस |
| भोजन | शाकाहारी नाश्ता और रात का खाना |
| ट्रेकिंग | नहीं |
| उम्र | 9 से 70 वर्ष, केवल भारतीय नागरिक |
| कीमत | अनुरोध पर: आपके बैच और ग्रुप के हिसाब से टैक्स सहित लिखित कोटेशन, किसी भी भुगतान से पहले |
हेलीकॉप्टर से ॐ पर्वत यात्रा में क्या देखेंगे
आदि कैलाश। कई लोग इसे छोटा कैलाश कहते हैं। हेलीकॉप्टर यहाँ नहीं उतरता: दूसरे दिन पिथौरागढ़ से गुंजी जाते हुए आपको आदि कैलाश के हवाई दर्शन होते हैं, नीचे व्यास घाटी के साथ। हो सके तो खिड़की की तरफ़ बैठें और फ़ोन तैयार रखें; नज़ारा ज़्यादा देर नहीं रहता।
ॐ पर्वत। यह वह शिखर है जहाँ बर्फ़ "ॐ" का आकार बनाती है। ॐ पर्वत का हेलीकॉप्टर नाभीढांग में उतरता है, ठीक पर्वत के सामने, और दर्शन व फ़ोटो के लिए ज़मीन पर कुछ समय मिलता है।
गुंजी और नपलच्यु। छोटे गाँव, साधारण कमरे, बहुत ठंडी रातें। यहाँ पूरा एक दिन आराम करते हैं ताकि शरीर ऊँचाई के अनुकूल हो जाए। इस आराम को गंभीरता से लें: जो लोग पहुँचने पर "बिल्कुल ठीक" महसूस करते हैं, अक्सर शाम तक उन्हीं को सिरदर्द होता है।
आदि कैलाश ॐ पर्वत टूर की कीमत, क्या शामिल है और रजिस्ट्रेशन
वेबसाइट पर कोई तय किराया नहीं है, क्योंकि हेलीकॉप्टर सीटें और बैच की तारीख़ें हर सीज़न बदलती हैं। अपना महीना और कितने लोग आ रहे हैं बताएँ, हम ताज़ा किराया और अगला बैच टैक्स सहित लिखित कोटेशन में भेजेंगे। EMI की सुविधा संभव है।
आदि कैलाश हेलीकॉप्टर टूर पैकेज में क्या शामिल है
- 4 हेलीकॉप्टर उड़ानें
- पिथौरागढ़ में होटल, गुंजी या नपलच्यु में गेस्ट हाउस
- शाकाहारी नाश्ता और रात का खाना
- मेडिकल जाँच और ऊँचे पड़ावों पर ऑक्सीजन सहायता
- ब्रीफ़िंग और हमारी ग्राउंड टीम, 24 घंटे उपलब्ध
- परमिट और प्रवेश शुल्क (UTDB के माध्यम से)
शामिल नहीं
- पिथौरागढ़ आने-जाने का सफ़र
- नाश्ता-पानी, लॉन्ड्री, ख़रीदारी, टिप
- विशेष पूजा
- बीमा
कौन जा सकता है
केवल भारतीय नागरिक, 9 से 70 वर्ष की उम्र। ठंड और ऊँचाई के कारण उम्र में कोई छूट नहीं है।
दस्तावेज़ और रजिस्ट्रेशन
रजिस्ट्रेशन फ़ॉर्म भरें और रजिस्ट्रेशन राशि जमा करें (ऑनलाइन या बैंक ट्रांसफ़र), फिर फ़ॉर्म, फ़ोटो पहचान पत्र का स्कैन (आधार हो तो आख़िरी चार अंकों के अलावा सब छिपाकर) और ट्रांज़ैक्शन नंबर हमें ईमेल करें। इसके बाद मूल फ़ॉर्म, स्व-सत्यापित पहचान पत्र की प्रतियाँ और दो फ़ोटो कूरियर करें।
यात्रा से एक महीना पहले भेजें:
- MBBS डॉक्टर का फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट, जो एक महीने से पुराना न हो
- ₹30 के स्टांप पेपर पर नोटरी से सत्यापित शपथ पत्र
- पुलिस वेरिफ़िकेशन फ़ॉर्म, हस्ताक्षर और मुहर के साथ
यात्रा में अपना मूल आधार (या पासपोर्ट) साथ रखें।
रद्दीकरण
किसी भी कारण से, कभी भी रद्द करें, रजिस्ट्रेशन राशि समेत आपने जो भी भुगतान किया है उसका पूरा पैसा वापस मिलता है। हेलीकॉप्टर न उड़ पाए तो पूरा रिफ़ंड या बिना शुल्क नई तारीख़ मिलती है। पूरी शर्तें हमारे नियम और शर्तें (अंग्रेज़ी में) पेज पर हैं।
कब जाएँ और क्या साथ ले जाएँ
उड़ानें मई–जून और सितंबर–मार्च में चलती हैं; मानसून के कारण जुलाई और अगस्त ज़्यादातर टाले जाते हैं। पिथौरागढ़ में तापमान लगभग 10–22°C रहता है, पर गुंजी में −5°C तक जा सकता है। ऊनी कपड़े, हवा रोकने वाली जैकेट, दस्ताने, टोपी, धूप का चश्मा, सनस्क्रीन और लिप बाम रखें, और अपनी सभी नियमित दवाइयाँ लाएँ। दस्तावेज़ों के लिए एक प्लास्टिक पाउच भी काम आता है।
एक अतिरिक्त दिन रखें
पहाड़ों की उड़ानें मौसम पर निर्भर हैं। कभी उड़ान कुछ घंटे देर से होती है या अगले दिन चली जाती है, इसलिए चौथे दिन पिथौरागढ़ से तुरंत की ट्रेन या फ़्लाइट बुक न करें। योजना में एक अतिरिक्त दिन बहुत तनाव बचाता है। आपके सेक्टर उड़ाने वाले ऑपरेटर का नाम कोटेशन पर होता है; BookHelicopter.com यात्रा की व्यवस्था करता है, विमान नहीं उड़ाता।
और हेलीकॉप्टर यात्राएँ
मुख्य कैलाश के लिए नेपाल होकर कैलाश मानसरोवर यात्रा देखें। उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर से चारधाम यात्रा और केदारनाथ यात्रा भी हैं; देखें उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर सेवा।