नासिक सिंहस्थ कुंभ कब है?
सिंहस्थ गोदावरी के दो स्थानों पर होता है: नासिक का रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर का कुशावर्त, जो लगभग 30 किमी की दूरी पर हैं।
- 31 अक्टूबर 2026: त्र्यंबकेश्वर और रामकुंड में ध्वजारोहण, सिंहस्थ का आरंभ।
- 29 जुलाई 2027: नगर प्रदक्षिणा।
- 2 अगस्त 2027: पहला अमृत स्नान।
- 31 अगस्त 2027: दूसरा अमृत स्नान।
- 11 सितंबर 2027 को नासिक में और 12 सितंबर 2027 को त्र्यंबकेश्वर में: तीसरा अमृत स्नान।
- 24 जुलाई 2028: ध्वज उतारे जाते हैं और सिंहस्थ समाप्त होता है।
कुंभ के लिए नासिक तक हेलीकॉप्टर चार्टर
प्राइवेट चार्टर आपके समूह को आपकी तारीख पर मुंबई, पुणे या किसी अन्य शहर से नासिक ले जाता है, और नासिक के ओज़र एयरपोर्ट या उड़ान के लिए अनुमति-प्राप्त हेलीपैड पर उतरता है। मेले के पास चार्टर के लिए प्रशासन की अनुमति ज़रूरी है, और स्नान के दिन सबसे अधिक प्रतिबंधित रहते हैं, इसलिए योजना उन दिनों के अनुसार बनाएँ। हर चार्टर का लिखित कोटेशन रूट और तारीख के अनुसार दिया जाता है।
अमृत स्नान मानसून में पड़ते हैं, और बादल व बारिश उड़ान रोक सकते हैं। जिस स्नान में शामिल होना हो, उसके दोनों ओर एक अतिरिक्त दिन रखें।
हेलीकॉप्टर जॉय राइड और हवाई दर्शन
गोदावरी और मेले के ऊपर छोटी सैर ऑपरेटर प्रशासन की अनुमति से, जब और जहाँ अनुमति मिले, चलाते हैं। अपनी तारीखें और समूह का आकार भेजें, और घोषणा होते ही हम बताएँगे कि कौन-सी उड़ानें चल रही हैं और उनका किराया क्या है।
नासिक और त्र्यंबकेश्वर कैसे पहुँचें
नासिक मुंबई से मुख्य रेल लाइन पर है, और इसका एयरपोर्ट ओज़र में है। त्र्यंबकेश्वर नासिक से सड़क मार्ग से लगभग 30 किमी दूर है। अमृत स्नानों के आसपास दोनों जगहों की सड़कों पर डायवर्ज़न और पार्किंग ज़ोन की उम्मीद रखें, और एक दिन पहले पहुँचें।