देहरादून में हेलीकॉप्टर कहाँ से उड़ते हैं?
उड़ान के हिसाब से दो जगहों से:
- सहस्त्रधारा हेलीपैड, शहर के उत्तर-पूर्वी छोर पर, यात्रा का मुख्य बेस है। चारधाम, दो धाम पैकेज, केदारनाथ और बद्रीनाथ की एक दिन की यात्राएँ, और गंगोत्री व यमुनोत्री की उड़ानें यहीं से जाती हैं।
- जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, शहर के दक्षिण-पूर्व में देहरादून का हवाई अड्डा, कुछ उड़ानों के लिए इस्तेमाल होता है, जैसे उसी दिन की दो धाम यात्रा। दिल्ली और दूसरे शहरों से ज़्यादातर यात्री भी यहीं उतरते हैं।
आपकी बुकिंग पुष्टि में प्रस्थान की जगह और रिपोर्टिंग का समय लिखा होता है। शहर पार करने में लगने वाला समय जोड़कर चलें, ख़ासकर सुबह।
देहरादून से हेलीकॉप्टर यात्रा
- चारधाम यात्रा हेलीकॉप्टर से: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ, 5 रात और 6 दिन में।
- दो धाम यात्रा हेलीकॉप्टर से: केदारनाथ और बद्रीनाथ, 3 रात और 4 दिन में।
- उसी दिन की दो धाम यात्रा: दोनों धाम और उसी दिन देहरादून वापसी।
- केदारनाथ यात्रा हेलीकॉप्टर से: देहरादून से फाटा होकर उसी दिन की यात्रा। केदारनाथ शटल टिकट केवल IRCTC पर, heliyatra.irctc.co.in पर बुक होता है; हम शटल टिकट नहीं बेचते।
- बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर फ़िक्स्ड डिपार्चर, यानी तय उड़ान में एक सीट, या छह यात्रियों तक के लिए निजी बद्रीनाथ चार्टर।
- गंगोत्री और यमुनोत्री की उसी दिन की हेलीकॉप्टर यात्रा, या दोनों एक साथ यमुनोत्री गंगोत्री दो धाम में।
- फूलों की घाटी हेलीकॉप्टर से, देहरादून से, सीज़न में। हेमकुंड साहिब के लिए देखें हेमकुंड साहिब यात्रा हेलीकॉप्टर से।
पैकेज की कीमत अनुरोध पर है: आपकी तारीख़ और यात्रियों की संख्या के लिए लिखित कोटेशन, टैक्स और राज्य सरकार की रॉयल्टी सहित, किसी भी भुगतान से पहले दिया जाता है।
देहरादून से निजी हेलीकॉप्टर चार्टर
निजी चार्टर में हेलीकॉप्टर आपके समूह के लिए, आपके चुने हुए रास्ते और तारीख़ पर उड़ता है। देहरादून से सबसे ज़्यादा माँगे जाने वाले चार्टर:
- शादी के लिए हेलीकॉप्टर: दूल्हा-दुल्हन का आगमन, मेहमानों का आना-जाना और विदाई।
- हेलीकॉप्टर जॉय राइड: उत्तराखंड की पहाड़ियों और घाटियों के ऊपर लगभग 10 से 30 मिनट की छोटी उड़ान, पाँच या छह सीट वाले हेलीकॉप्टर में।
- हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा: शादी, मंदिर और उद्घाटन के लिए।
- हरिद्वार कुंभ 2027 चार्टर: हरिद्वार जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से लगभग 35 किमी है, और अर्ध कुंभ 14 जनवरी से 20 अप्रैल 2027 तक है। उड़ानें वहीं उतरती हैं जहाँ मेला प्रशासन अनुमति देता है।
- एयर एम्बुलेंस: पहाड़ों से अस्पताल तक मरीज़ को पहुँचाना।
- हवाई फ़िल्मांकन, हवाई सर्वे और चुनाव प्रचार की उड़ानें।
हर चार्टर का लिखित कोटेशन बुकिंग से पहले दिया जाता है, उस ऑपरेटर से जिसे उस तरह की उड़ान की अनुमति है।
हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए देहरादून कैसे पहुँचें?
हवाई जहाज़ से जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, ट्रेन से देहरादून स्टेशन, या सड़क से; दिल्ली लगभग 250 किमी दूर है। कई दिन वाले पैकेज देहरादून पहुँचने और होटल ट्रांसफ़र से शुरू होते हैं, इसलिए उड़ान अगली सुबह होती है। उसी दिन की यात्राएँ सुबह जल्दी निकलती हैं, इसलिए एक दिन पहले पहुँचें। दिल्ली से देहरादून पहुँचने के विकल्पों की तुलना इस गाइड में है (अंग्रेज़ी में)।
उड़ानें कब चलती हैं?
यात्रा की उड़ानें मंदिरों के सीज़न के साथ चलती हैं, अप्रैल के अंत या मई से अक्टूबर या नवंबर तक; सबसे साफ़ मौसम मई-जून और सितंबर-अक्टूबर में मिलता है। बादल और बारिश में पहाड़ी उड़ानें रुक जाती हैं, इसलिए योजना में एक अतिरिक्त दिन रखना अच्छा है। जॉय राइड और चार्टर दिन की रोशनी और साफ़ मौसम में साल के ज़्यादा हिस्से में चलते हैं।
बुकिंग कैसे करें
- अपना रास्ता या पैकेज, तारीख़ और यात्रियों की संख्या नीचे पूछताछ से या +91-9634801801 पर फ़ोन करके भेजें।
- हम उपलब्धता देखकर लिखित कोटेशन भेजते हैं, भुगतान से पहले।
- यात्रा के लिए हर यात्री का उत्तराखंड पोर्टल पर पंजीकरण कराएँ; केदारनाथ शटल टिकट IRCTC पर अलग से बुक होता है।