मुख्य सामग्री पर जाएँ
Call WhatsApp Enquire
चारों धाम · देहरादून से

चारधाम यात्रा हेलीकॉप्टर से

यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ, चारों धाम 5 रात और 6 दिन में, देहरादून से शुरू होकर देहरादून पर ख़त्म। सड़क से यही यात्रा दस से बारह दिन की लंबी पहाड़ी यात्रा है; हेलीकॉप्टर से एक धाम से दूसरे धाम तक लगभग आधे घंटे की उड़ान है। पैकेज में हेलीकॉप्टर, होटल, भोजन, स्थानीय वाहन और हर धाम पर VIP दर्शन की व्यवस्था शामिल है, मौसम और उड़ान की परिस्थितियों के अधीन।

कीमत अनुरोध परलिखित कोटेशन
5 रात 6 दिनअवधि
देहरादूनबेस
हिमालय में चारधाम यात्रा का हेलीकॉप्टर

चारधाम हेलीकॉप्टर यात्रा का रूट

यात्रा चारों धामों के पारंपरिक क्रम में चलती है, पश्चिम से पूर्व: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ। हेलीकॉप्टर मंदिर के दरवाज़े पर नहीं उतरता; वह घाटी के हेलीपैड के बीच उड़ता है, और मंदिर तक का आख़िरी हिस्सा घोड़े, पालकी, कार या थोड़ा पैदल चलकर तय होता है।

दिनसेक्टरहेलीपैडउड़ान का समयमंदिर तक
01देहरादून आगमनदेहरादून होटल-ब्रीफ़िंग, डफ़ल बैग
02देहरादून से यमुनोत्रीसहस्त्रधारा से खरसालीलगभग 28 मिनट5 किमी घोड़े या पालकी से
03यमुनोत्री से गंगोत्रीखरसाली से हर्षिललगभग 28 मिनटलगभग 22 किमी कार से
04गंगोत्री से केदारनाथहर्षिल से सेरसी, फिर सेरसी से केदारनाथलगभग 30 मिनटलगभग 500 मीटर, करीब 15 मिनट
05केदारनाथ से बद्रीनाथसेरसी से बद्रीनाथलगभग 30 मिनटकार सेवा
06बद्रीनाथ से देहरादूनबद्रीनाथ से सहस्त्रधारालगभग 55 से 60 मिनटएयरपोर्ट या स्टेशन पर ड्रॉप

छह दिन, सरल शब्दों में

दिन 1, देहरादून: देहरादून एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन से होटल तक पिकअप। शाम को टीम यात्रा की ब्रीफ़िंग करती है और हेलीकॉप्टर में ले जाने के लिए डफ़ल बैग देती है। आगमन का विवरण बुकिंग के समय देना ज़रूरी है।

दिन 2, यमुनोत्री: यात्रा की सबसे जल्दी शुरुआत: पैक नाश्ते के साथ सुबह 05:00 बजे तक हेलीपैड पहुँचना होता है। अतिरिक्त सामान होटल में रहता है। सहस्त्रधारा से खरसाली की उड़ान, जहाँ यमुनोत्री धाम तक 5 किमी के लिए घोड़ा या पालकी आरक्षित रहती है। दोपहर बाद वापसी और रात खरसाली में।

दिन 3, गंगोत्री: नाश्ते के बाद खरसाली से हर्षिल की उड़ान, फिर कार से गंगोत्री मंदिर में VIP दर्शन। रात हर्षिल या धराली में।

दिन 4, केदारनाथ: हर्षिल से सेरसी, फिर केदारनाथ की उड़ान। मंदिर हेलीपैड से लगभग 500 मीटर दूर है। पंडित जी समूह को दर्शन के लिए ले जाते हैं; पूजा के बाद सेरसी वापसी, दोपहर का भोजन, चाहें तो त्रियुगीनारायण या कालीमठ के दर्शन, और रात गुप्तकाशी में। शटल बदलने में लगभग 1 से 2 घंटे का इंतज़ार हो सकता है।

दिन 5, बद्रीनाथ: सेरसी से बद्रीनाथ की उड़ान और होटल में चेक-इन। दोपहर बाद माणा गाँव का भ्रमण, और शाम को बद्रीनाथ मंदिर में स्वर्ण आरती।

दिन 6, देहरादून वापसी: नाश्ते के बाद सहस्त्रधारा की उड़ान, विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग के ऊपर से। देहरादून एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन पर ड्रॉप के साथ यात्रा समाप्त।

हर सेक्टर का रिपोर्टिंग समय हमारी टीम बताती है, और मौसम या उपलब्धता के कारण समय आख़िरी पल में बदल सकता है।

चारधाम हेलीकॉप्टर यात्रा की कीमत

विकल्पदेहरादून में ठहरावकीमत प्रति व्यक्ति
विकल्प 1Hyatt Centric या समानकीमत अनुरोध पर
विकल्प 2Taj Foothills Mussoorie / Hyatt Regency या समानकीमत अनुरोध पर

दोनों विकल्पों की कीमत अनुरोध पर है: आपकी तारीख़ और यात्रियों की संख्या के लिए लिखित कोटेशन, टैक्स और राज्य सरकार की रॉयल्टी सहित, किसी भी भुगतान से पहले दिया जाता है। पैकेज 5 रात / 6 दिन का है, हर डिपार्चर पर कम से कम 6 यात्री, और कीमत मुख्य रूप से होटल के विकल्प, यात्रियों की संख्या और तारीख़ पर निर्भर करती है। 2 वर्ष से बड़े बच्चों से वयस्क के बराबर शुल्क लिया जाता है, और यह पैकेज अकेले यात्री के लिए नहीं है।

रात्रि ठहराव: देहरादून, खरसाली, हर्षिल, गुप्तकाशी या सीतापुर, और बद्रीनाथ में एक-एक रात। पहले दिन केवल रात का खाना, बाकी दिनों में तीनों समय का बुफ़े भोजन।

कीमत में शामिल

कीमत में शामिल नहीं

पंजीकरण और दस्तावेज़

हर चारधाम यात्री को उत्तराखंड सरकार के पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in पर पंजीकरण कराना ज़रूरी है, चाहे हेलीकॉप्टर से जाएँ या सड़क से; हेलीकॉप्टर बुकिंग से पंजीकरण नहीं होता। पंजीकरण निःशुल्क है, और IRCTC केदारनाथ शटल हर यात्री का यात्रा पंजीकरण नंबर माँगता है, इसलिए पहले पंजीकरण करें।

यात्री सूची के लिए हर यात्री का पूरा नाम, उम्र या जन्मतिथि, लिंग, सरकारी फ़ोटो पहचान पत्र (विदेशी नागरिक पासपोर्ट), सही वज़न और संपर्क विवरण चाहिए; पूजा कराने पर गोत्र भी। यात्रा के दिन वही मूल पहचान पत्र, यात्रा पंजीकरण, बुकिंग की पुष्टि और IRCTC शटल टिकट साथ रखें। नाम पहचान पत्र से बिल्कुल मेल खाने चाहिए।

वज़न और सामान

हिमालय की ऊँचाई पर हेलीकॉप्टर भार की गणना के हिसाब से उड़ता है, इसलिए बुकिंग के समय हर यात्री का सही वज़न बताएँ; हेलीपैड पर आमतौर पर वज़न लिया जाता है। हेलीकॉप्टर की वज़न क्षमता 450 किलो है, और 75 किलो से ज़्यादा वज़न वाले यात्री से ₹2,500 प्रति किलो अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। सामान प्रति यात्री 3 किलो, उस डफ़ल बैग में जो देहरादून की ब्रीफ़िंग में मिलता है; बाकी सामान होटल में रहता है।

कब जाएँ

धाम अक्षय तृतीया के आसपास, अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में खुलते हैं और अक्टूबर के अंत से नवंबर के मध्य के बीच बंद होते हैं; सही तारीख़ें हर साल घोषित होती हैं। मई और जून पहला अच्छा समय है, साफ़ मौसम पर भीड़ ज़्यादा। सितंबर और अक्टूबर दूसरा, और कई यात्रियों के लिए बेहतर: मानसून के बाद साफ़ आसमान और कम भीड़। जुलाई और अगस्त में बारिश, बादल और भूस्खलन से कई दिन उड़ानें नहीं होतीं। सितंबर-अक्टूबर में केदारनाथ की रातें शून्य से नीचे जा सकती हैं, इसलिए गर्म कपड़े रखें। किसी भी महीने में, आगे या पीछे एक अतिरिक्त दिन रखें, ताकि मौसम की देरी दर्शन न छुड़ाए।

बुज़ुर्गों के लिए

हेलीकॉप्टर लंबे सड़क के दिन हटा देता है, पर ऊँचाई और आख़िरी चढ़ाई नहीं। यमुनोत्री सबसे कठिन धाम है, खरसाली से खड़ी चढ़ाई, जिसे ज़्यादातर बुज़ुर्ग घोड़े या पालकी से तय करते हैं। गंगोत्री हर्षिल से सड़क से पहुँचते हैं। केदारनाथ सबसे ऊँचा है, लगभग 3,580 मीटर। बद्रीनाथ, लगभग 3,100 मीटर, सबसे आसान है। दिल, फेफड़े या ब्लड प्रेशर की तकलीफ़ हो तो बुकिंग से पहले डॉक्टर से मिलें; ऊँचाई के लिए फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट की सलाह दी जाती है। हर दो बुज़ुर्गों के साथ एक साथी रखें। चढ़ाई कम चाहिए तो यमुनोत्री के बिना दो धाम यात्रा हेलीकॉप्टर से (अंग्रेज़ी में) अक्सर बेहतर रहती है।

बुकिंग कैसे करें

  1. अपनी तारीख़ें, यात्रियों की संख्या, पैकेज विकल्प और उम्र नीचे पूछताछ फ़ॉर्म या फ़ोन से भेजें।
  2. हम डिपार्चर, उपलब्धता और 5 रात / 6 दिन की यात्रा का लिखित कोटेशन भेजते हैं।
  3. हर यात्री का उत्तराखंड पोर्टल पर पंजीकरण कराएँ और यात्री विवरण भेजें: पहचान पत्र जैसे नाम, वज़न और आगमन का विवरण।
  4. बुकिंग पक्की करने के लिए कुल राशि का 50% दें; बाकी राशि प्रस्थान से 30 दिन पहले।
  5. हमारी मदद से हर यात्री के नाम पर IRCTC पर केदारनाथ शटल टिकट बुक करें।
  6. पहले दिन शाम की ब्रीफ़िंग के लिए देहरादून पहुँचें।

मौसम और रद्दीकरण

अगर मौसम के कारण किसी धाम की उड़ान बिल्कुल न हो सके, तो उस धाम का उड़ान ख़र्च, लगभग ₹20,000 प्रति धाम प्रति सीट, वापस किया जाता है। रद्दीकरण और तारीख़ बदलने के शुल्क बुकिंग की शर्तों (अंग्रेज़ी में) में पूरे लिखे हैं; भुगतान से पहले उन्हें ज़रूर पढ़ें।

और विकल्प देखें: केदारनाथ यात्रा हेलीकॉप्टर से, हेमकुंड साहिब यात्रा, या सभी पैकेज चारधाम यात्रा पेज पर (अंग्रेज़ी में)।

अपनी चारधाम यात्रा प्लान करें

अपनी तारीखें और यात्रियों की संख्या बताएँ

अपनी तारीख़, यात्रियों की संख्या, उम्र और पसंद का विकल्प बताएँ; हम उपलब्धता और लिखित कोटेशन के साथ जवाब देंगे।

प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चारधाम यात्रा हेलीकॉप्टर से कितने दिन की है?
देहरादून से 5 रात और 6 दिन की, यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ होकर वापस देहरादून। उड़ानें सहस्त्रधारा हेलीपैड से शुरू होती हैं, और एक धाम से दूसरे धाम की उड़ान लगभग आधे घंटे की है।
चारधाम हेलीकॉप्टर यात्रा की कीमत कितनी है?
कीमत अनुरोध पर है। आपकी तारीख और यात्रियों की संख्या के लिए लिखित कोटेशन, टैक्स और राज्य सरकार की रॉयल्टी सहित, किसी भी भुगतान से पहले दिया जाता है। पैकेज 5 रात / 6 दिन का है, हर डिपार्चर पर कम से कम 6 यात्री, और कीमत होटल के विकल्प (विकल्प 1 या विकल्प 2) पर निर्भर करती है। ₹3,000 प्रति व्यक्ति ईंधन सरचार्ज अलग है। 2 वर्ष से बड़े बच्चों से वयस्क के बराबर शुल्क लगता है।
क्या केदारनाथ शटल टिकट पैकेज में शामिल है?
नहीं। केदारनाथ शटल टिकट केवल IRCTC बेचता है, heliyatra.irctc.co.in पर, हर यात्री के नाम पर, और उसका भुगतान आप करते हैं। पैकेज में केदारनाथ का प्राथमिकता पूजा पास और शटल टिकट बुक करने में मदद शामिल है।
हेलीकॉप्टर में कितना सामान और वज़न ले जा सकते हैं?
प्रति यात्री केवल 3 किलो सामान। बुकिंग के समय हर यात्री का सही वज़न बताना ज़रूरी है; हेलीकॉप्टर की वज़न क्षमता 450 किलो है, और 75 किलो से ज़्यादा वज़न पर ₹2,500 प्रति किलो अतिरिक्त शुल्क लगता है।
क्या हेलीकॉप्टर यात्रियों को भी चारधाम पंजीकरण कराना होता है?
हाँ। हर यात्री को उत्तराखंड सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है; हेलीकॉप्टर बुकिंग से पंजीकरण नहीं होता। पंजीकरण निःशुल्क है, और IRCTC केदारनाथ शटल यात्रा पंजीकरण नंबर माँगता है, इसलिए पहले पंजीकरण करें।
चारधाम हेलीकॉप्टर यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?
मई और जून पहला अच्छा समय है, और सितंबर-अक्टूबर दूसरा, जब मानसून के बाद आसमान साफ़ और भीड़ कम होती है। जुलाई और अगस्त में बारिश के कारण कई दिन उड़ानें नहीं होतीं। किसी भी महीने में एक अतिरिक्त दिन रखें।
बुकिंग कैसे पक्की होती है?
कुल राशि का 50% देकर बुकिंग पक्की होती है, और बाकी राशि प्रस्थान से 30 दिन पहले। बोर्डिंग से पहले पूरा भुगतान ज़रूरी है।
अगर मौसम के कारण उड़ान न हो तो क्या होता है?
अगर किसी धाम की उड़ान मौसम के कारण बिल्कुल न हो सके, तो उस धाम का उड़ान ख़र्च, लगभग ₹20,000 प्रति धाम प्रति सीट, वापस किया जाता है। मौसम से रुकने पर होटल, भोजन जैसे अतिरिक्त ख़र्च शामिल नहीं हैं।