भारत में हम कौन-सी हेलीकॉप्टर सेवाएँ दिलवाते हैं
BookHelicopter.com का दफ़्तर देहरादून में है, और हर उड़ान अनुमति-प्राप्त ऑपरेटरों के साथ व्यवस्थित होती है। ये हेलीकॉप्टर सेवाएँ हमारे ज़रिये बुक होती हैं, हर एक का अपना पेज है:
हेलीकॉप्टर यात्रा और तीर्थ पैकेज
- चारधाम यात्रा हेलीकॉप्टर से: 5 रात / 6 दिन का पैकेज और फ़िक्स्ड डिपार्चर की तारीख़ें।
- दो धाम यात्रा हेलीकॉप्टर से, केदारनाथ और बद्रीनाथ, एक ही दिन में भी; सभी केदारनाथ बद्रीनाथ पैकेज की तुलना।
- केदारनाथ: देहरादून से उसी दिन का पैकेज, गुप्तकाशी में ठहराव वाला 2 रात / 3 दिन, और IRCTC शटल टिकट कैसे बुक करें।
- बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री (दोनों अंग्रेज़ी में), और देहरादून से गंगोत्री यमुनोत्री दो धाम।
- हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी (अंग्रेज़ी में), गोविंदघाट से घांघरिया हेलीकॉप्टर के साथ; या एक ही यात्रा में केदारनाथ और हेमकुंड साहिब।
- अमरनाथ यात्रा हेलीकॉप्टर से, 2 से 5 रात के पैकेज, और नेपाल होकर कैलाश मानसरोवर।
- कटरा से वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर, और कुंभ मेला में हेलीकॉप्टर जॉय राइड और ठहरने के लिए कुंभ कैंप।
हर पैकेज हमारे हेलीकॉप्टर यात्रा पैकेज पेज पर है, और तय उड़ानों की सीटें सीट कैलेंडर पर (दोनों अंग्रेज़ी में)।
प्राइवेट चार्टर और हेलीकॉप्टर किराये पर
- बिज़नेस, वीआईपी और सीधी यात्रा के लिए प्राइवेट हेलीकॉप्टर चार्टर, और कॉर्पोरेट हेलीकॉप्टर चार्टर (दोनों अंग्रेज़ी में)।
- भारत में हेलीकॉप्टर किराये पर: अपने रूट और तारीख़ के लिए पूरा हेलीकॉप्टर; सभी हेलीकॉप्टर चार्टर सेवाएँ देखें।
- शादी के लिए हेलीकॉप्टर और पुष्प वर्षा।
- अस्पताल तक एयर एम्बुलेंस ट्रांसफ़र।
- प्रचार दौरों के लिए चुनाव ड्यूटी चार्टर, और हेली स्कीइंग (अंग्रेज़ी में)।
हेलीकॉप्टर जॉय राइड
- देहरादून और उत्तराखंड में 10 से 30 मिनट की हेलीकॉप्टर जॉय राइड, और जगह के हिसाब से: मसूरी, ऋषिकेश, नैनीताल और औली (सभी अंग्रेज़ी में)।
हवाई काम
- फ़िल्म शूटिंग के लिए हेलीकॉप्टर और हवाई सिनेमैटोग्राफ़ी।
- हवाई विज्ञापन: आयोजनों, शहरों और लॉन्च के ऊपर बैनर और ब्रांड वाली उड़ानें।
- हेलीकॉप्टर से हवाई LiDAR सर्वे और इंडस्ट्रियल ड्रोन सर्वे; सारा हवाई काम देखें (सभी अंग्रेज़ी में)।
किसी ख़ास जगह से उड़ान चाहिए? देखें उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर सेवा और देहरादून में हेलीकॉप्टर सेवा, जहाँ से ज़्यादातर यात्रा उड़ानें शुरू होती हैं, और दूसरे राज्यों में हमारी सेवाएँ:
- दिल्ली में हेलीकॉप्टर सेवा
- जम्मू और कश्मीर में हेलीकॉप्टर सेवा, और गुलमर्ग हेलीकॉप्टर बुकिंग
- हिमाचल प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा, और मनाली हेलीकॉप्टर बुकिंग
- उत्तर प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा
- महाराष्ट्र में हेलीकॉप्टर सेवा
- मध्य प्रदेश में हेलीकॉप्टर सेवा
- मुंबई, गोवा, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता में हेलीकॉप्टर सेवा (अंग्रेज़ी में)
दुनिया के प्रमुख हेलीकॉप्टर: कौन-सा कहाँ उड़ता है, और क्यों
दुनिया भर में ज़्यादातर गंभीर हेलीकॉप्टर काम चार मॉडल करते हैं। हर एक अलग समस्या के लिए बना है।
| हेलीकॉप्टर | बनावट और काम | रेंज और इलाक़ा |
|---|---|---|
| Airbus ACH160 (ट्विन इंजन, एग्ज़ीक्यूटिव) | कम्पोज़िट ढाँचा और Blue Edge ब्लेड, जिनकी नोक मुड़ी होती है ताकि उतरते समय सुनाई देने वाली थाप कम हो। केबिन में आवाज़ रोकने की परत। बोर्डरूम ट्रांसफ़र, प्रीमियम पर्यटन और राजनयिक आवाजाही के लिए। | लगभग 850 किमी। तटीय रूट, शहर के एग्ज़ीक्यूटिव हेलीपैड, समतल मैदान। |
| Leonardo AW139 (मध्यम ट्विन) | ताक़त का अच्छा मार्जिन, ज़रूरी सिस्टम दोहरे, पंद्रह तक सीटें। समुद्र में क्रू बदलने और बड़े बचाव अभियानों का भरोसेमंद हेलीकॉप्टर। | लगभग 1,060 किमी। खुला समुद्र, उष्णकटिबंधीय द्वीप, गर्म रेगिस्तान। |
| Bell 429 GlobalRanger (हल्का ट्विन) | ग्लास कॉकपिट और सपाट केबिन फ़र्श, जिससे अंदर का हिस्सा कुछ ही मिनट में स्ट्रेचर से वीआईपी सीटों में बदल जाता है। | लगभग 755 किमी। घने शहर, पठार, ऊँची-नीची ज़मीन। |
| Sikorsky S-92 (भारी यूटिलिटी) | नॉर्थ सी मानकों पर प्रमाणित, पूरी एंटी-आइसिंग और बड़ा अंदरूनी हिस्सा। सैन्य रसद, सैनिकों की आवाजाही और गहरे समुद्र के काम में। | लगभग 1,000 किमी। आर्कटिक तट, उबड़-खाबड़ समुद्र, नम जंगल। |
काम की बात: स्पेसिफ़िकेशन में दी गई रेंज समुद्र तल और शांत हवा मानकर होती है। हिमालय में पतली हवा और दोपहर की हवाएँ इस्तेमाल लायक रेंज काफ़ी घटा देती हैं। पहाड़ी रूट का कोटेशन देने वाला कोई भी ईमानदार ऑपरेटर प्रकाशित अधिकतम सीमा से काफ़ी नीचे योजना बनाता है, और भारत में कोई भी हेलीकॉप्टर बुकिंग पक्की करने से पहले इस मार्जिन के बारे में पूछना ज़रूरी है।
निजी तौर पर अपना हेलीकॉप्टर रखना
अपना हेलीकॉप्टर रखना ख़रीद की कीमत से ज़्यादा उसके बाद की ज़िम्मेदारियों का मामला है। चार ज़रूरतें सबसे अहम हैं।
- पंजीकरण और साफ़ स्वामित्व। हेलीकॉप्टर नागरिक उड्डयन प्राधिकरण में किसी कंपनी या व्यक्ति के नाम पंजीकृत हो, रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट जारी हो, और स्वामित्व के इतिहास में कोई गिरवी या विवादित हस्तांतरण न हो।
- हैंगर। इसे घर पर खड़ा नहीं किया जा सकता, और पहली बार ख़रीदने वालों को यही बात सबसे ज़्यादा चौंकाती है। लाइसेंस वाले हवाई अड्डे पर स्थायी या लीज़ पर हैंगर चाहिए, या फ़ोम वाली आग बुझाने की व्यवस्था और सुरक्षित बाड़ के साथ पंजीकृत निजी हेलीपैड।
- क्रू और इंजीनियर। इंस्ट्रूमेंट रेटिंग के साथ वैध कमर्शियल हेलीकॉप्टर पायलट लाइसेंस वाला मुख्य पायलट, और प्रमाणित एयरफ़्रेम और पावरप्लांट इंजीनियर रखने होंगे। यह हर महीने की तनख़्वाह की ज़िम्मेदारी है, हर उड़ान का इंतज़ाम नहीं।
- CAMO और उड़ान-योग्यता। कंटीन्यूइंग एयरवर्दीनेस मैनेजमेंट ऑर्गनाइज़ेशन के नियमों में हर उड़ान घंटे, अपनी उम्र-सीमा के पास पहुँचते हर पुर्ज़े, और निर्माता के हर अनिवार्य सर्विस बुलेटिन का डिजिटल रिकॉर्ड रखना होता है। एक निर्देश छूटा और हेलीकॉप्टर ज़मीन पर।
इसीलिए बहुत से लोग जो हेलीकॉप्टर ख़रीद सकते हैं, वे भी प्राइवेट हेलीकॉप्टर चार्टर चुनते हैं। कम उड़ने वाले निजी हेलीकॉप्टर का सालाना तय ख़र्च अक्सर उतने ही घंटों के चार्टर से ज़्यादा होता है। फ़ैसले से पहले पाँच साल का हिसाब लगाएँ: साल में सौ घंटे से कम उड़ने वाले ज़्यादातर ख़रीदारों के लिए प्राइवेट हेलीकॉप्टर चार्टर आराम से सस्ता पड़ता है।
कमर्शियल ऑपरेशन चलाना
कमर्शियल ऑपरेटर बनना चार चरणों की प्रक्रिया है, और कोई भी चरण जल्दी पूरा नहीं होता।
- कंपनी और वित्तीय मंज़ूरी। तय न्यूनतम पेड-अप पूँजी वाली कंपनी, और संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्रालयों से वित्तीय और पृष्ठभूमि जाँच की मंज़ूरी।
- एयर ऑपरेटर सर्टिफ़िकेट। सबसे भारी चरण। ऑपरेशन स्पेसिफ़िकेशन, सेफ़्टी मैनेजमेंट सिस्टम, ट्रेनिंग मैनुअल और पूरे ऑपरेशनल दस्तावेज़ नियामक के पास जाते हैं, फिर प्रूविंग उड़ानें होती हैं। ज़्यादातर आवेदक इसमें लगने वाले समय को कई महीने कम आँकते हैं।
- हेलीकॉप्टर लेना। यात्रियों के लिए कॉन्फ़िगर किए गए कमर्शियल श्रेणी के हेलीकॉप्टर आयात या लीज़ पर लेना, और कमर्शियल उड़ान से पहले हल और लायबिलिटी बीमा।
- रूट और सुरक्षा मंज़ूरी। मंज़ूर कॉरिडोर, रात की उड़ान के रास्तों और प्रतिबंधित एयरस्पेस के लिए एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल, रक्षा एजेंसियों और राज्य गृह मंत्रालयों से तालमेल। सीमा क्षेत्रों और तीर्थ स्थलों के आसपास यही चरण तय करता है कि रूट कमर्शियल रूप से चल पाएगा या नहीं।
भारत में वैध ऑपरेटर परमिट के बिना हेलीकॉप्टर चार्टर सेवा देने वाला कोई भी ग़ैरक़ानूनी काम कर रहा है, उसकी वेबसाइट चाहे जो कहे। सर्टिफ़िकेट नंबर माँगें। असली ऑपरेटर बिना हिचक देगा, और नियामक मौजूदा परमिट धारकों की सूची प्रकाशित करता है, जिससे आप ख़ुद जाँच सकते हैं।
भारत में हेलीकॉप्टर ऑपरेटर
हर उड़ान ऐसी कंपनी उड़ाती है जिसके पास अपना ऑपरेटर परमिट है। उत्तराखंड और भारत में दूसरी जगहों पर हेलीकॉप्टर यात्रा बुक करते समय यात्रियों को अक्सर ये नाम मिलते हैं, और हर एक को आम तौर पर किस काम के लिए खोजा जाता है:
- Pawan Hans: सरकारी राष्ट्रीय हेलीकॉप्टर कंपनी, समुद्री, सरकारी और दूर-दराज़ इलाक़ों की उड़ानें।
- Aryan Aviation: उत्तराखंड में चार्टर और तीर्थ उड़ानें, गुप्तकाशी क्षेत्र समेत।
- Deccan Charters: प्राइवेट हेलीकॉप्टर चार्टर और हेलीकॉप्टर किराये पर।
- Himalayan Heli Services: हिमालय में तीर्थ शटल और हवाई काम।
- Heritage Aviation: देहरादून से चारधाम और दो धाम सेक्टर।
- Pinnacle Air: प्राइवेट और कॉर्पोरेट हेलीकॉप्टर चार्टर।
- UTair India: हेलीकॉप्टर चार्टर और विशेष हवाई काम।
- Global Vectra Helicorp: समुद्री तेल और गैस सहायता, चार्टर और यूटिलिटी उड़ानें।
- Dev Bhoomi Aviation: उत्तराखंड में तीर्थ सेक्टर।
- Summit Aviation: हेलीकॉप्टर संचालन और मेंटेनेंस।
किस ऑपरेटर के टिकट कहाँ बिकते हैं और परमिट कैसे जाँचें, यह भारत में हेलीकॉप्टर ऑपरेटर (अंग्रेज़ी में) पर है। BookHelicopter.com स्वतंत्र है और यहाँ बताई किसी भी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। आपका सेक्टर उड़ाने वाले ऑपरेटर का नाम आपके कोटेशन और कन्फ़र्मेशन पर होता है, और उसी का परमिट और शर्तें लागू होती हैं। किसी को भी भुगतान से पहले ऊपर बताए तरीके से ऑपरेटर परमिट नंबर जाँचें। किसी ख़ास सेक्टर या ऑपरेटर के बारे में पूछने के लिए पूछताछ भेजें या +91-9634801801 पर कॉल करें।
सबसे अच्छा हेलीकॉप्टर टूर ऑपरेटर कैसे चुनें
भारत में कोई एक सबसे अच्छा हेलीकॉप्टर टूर ऑपरेटर नहीं है। आपके लिए सबसे अच्छा वह है जिसके पास वैध परमिट हो, जो आपके सेक्टर पर सही हेलीकॉप्टर उड़ाए और साफ़ बताए कि यात्रा में क्या शामिल है। छह जाँच अच्छी बुकिंग को बुरी से अलग करती हैं।
- ऑपरेटर परमिट। ऑपरेटर परमिट नंबर माँगें और नियामक की प्रकाशित सूची से मिलाएँ। कोटेशन पर उड़ाने वाली कंपनी का नाम होना चाहिए, सिर्फ़ बेचने वाले एजेंट का नहीं।
- हेलीकॉप्टर। पूछें कि सेक्टर पर कौन-सा हेलीकॉप्टर उड़ेगा और उसका रजिस्ट्रेशन क्या है। चारधाम सर्किट पर यह आम तौर पर सिंगल-इंजन Bell 407 या AS 350 B3 होता है; कुछ दो धाम पैकेज में MI-17 डबल-इंजन का विकल्प भी है।
- आधिकारिक टिकट माध्यम। कुछ उड़ानें केवल एक संस्था बेचती है: केदारनाथ शटल IRCTC, और वैष्णो देवी शटल श्राइन बोर्ड। जो टूर ऑपरेटर कहे कि वह ये टिकट सीधे बेचता है, वह ख़तरे का संकेत है।
- वज़न और सामान के नियम, लिखित में। सावधान ऑपरेटर बुकिंग के समय हर यात्री का वज़न पूछता है और सामान की सीमा बताता है, हिमालयी सेक्टरों पर आम तौर पर 3 से 5 किलो, क्योंकि ये सुरक्षा मार्जिन हैं।
- सब कुछ शामिल लिखित कोटेशन। टैक्स, राज्य सरकार की रॉयल्टी, हेलीपैड शुल्क और ज़मीनी ट्रांसफ़र कीमत में शामिल हों, और भुगतान से पहले एडवांस और रद्दीकरण की शर्तें लिखी हों।
- मौसम की साफ़ नीति। पहाड़ी सेक्टर मौसम पर उड़ते हैं। अच्छा ऑपरेटर बताता है कि सेक्टर न उड़ पाए तो आपके पैसे का क्या होगा, और मानसून में स्लॉट की गारंटी कभी नहीं देता।
हमारे तीर्थ पैकेज, चारधाम यात्रा हेलीकॉप्टर से से लेकर दो धाम यात्रा हेलीकॉप्टर से तक, इसी तरह कोटेशन होते हैं, और आपका सेक्टर उड़ाने वाले ऑपरेटर का नाम कोटेशन पर होता है। कीमत अनुरोध पर है।
चार्टर और यूटिलिटी सेवाएँ
हेलीकॉप्टर का काम सैर-सपाटे से कहीं आगे है। आज इन श्रेणियों की कमर्शियल माँग है।
- राजनीतिक और प्रचार यात्रा। उम्मीदवारों के लिए कई पड़ाव वाली, बार-बार की उड़ानें, ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में तंग रैली कार्यक्रम के साथ, जहाँ नज़दीकी हवाई पट्टी अक्सर सड़क से दो घंटे दूर होती है।
- समारोह में पुष्प वर्षा। शादियों, मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा, त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों पर कम ऊँचाई से फूल बरसाना। बारीक काम: ऊँचाई और रफ़्तार तय करती हैं कि फूल मंडप पर गिरेंगे या तीन खेत दूर।
- हेली स्कीइंग और अल्पाइन ड्रॉप। स्कीयरों और सुरक्षा उपकरणों को अनछुए बर्फ़ के मैदानों और दूर के ग्लेशियर ढलानों पर उतारने वाली ऊँचाई की उड़ानें।
- हवाई फ़िल्मांकन। फ़ीचर फ़िल्म, लाइव खेल प्रसारण और कमर्शियल शूट के लिए गिम्बल-स्टेबलाइज़्ड, कंपन-रहित कैमरा माउंट।
- शादी और आयोजन ट्रांसफ़र। शानदार एंट्री, हेरिटेज प्रॉपर्टी के बीच मेहमानों की शटल, और ऐसे रिसॉर्ट जहाँ सड़क से पहुँचना मुश्किल है। ज़्यादातर जोड़े इसे एक दोपहर के सीधे प्राइवेट हेलीकॉप्टर चार्टर की तरह बुक करते हैं।
- एयर एम्बुलेंस और EMS। ट्रॉमा निकासी, नवजात ट्रांसफ़र और अंग परिवहन के लिए लाइफ़-सपोर्ट वाले हेलीकॉप्टर, दूर की घटना-स्थलों से शहर के अस्पतालों तक। इस श्रेणी का पूरा तर्क गोल्डन आवर है।
- इंडस्ट्रियल सर्वे और मैपिंग। इंजीनियरों, खनन कंपनियों और डेवलपरों के लिए धीमी रफ़्तार का टोपोग्राफ़िक काम, हाई-टेंशन बिजली लाइन का निरीक्षण और थर्मल इमेजिंग।
फ़िल्मांकन और सर्वे के लिए परमिट हफ़्तों पहले लेने होते हैं; EMS कॉल मिनटों में रवाना होती है। एक ही सेक्टर पर बार-बार उड़ने वाले कॉर्पोरेट ग्राहक अक्सर रिटेन्ड प्राइवेट हेलीकॉप्टर चार्टर पर चले जाते हैं, जिससे घंटे की दर तय रहती है और हेलीकॉप्टर की उपलब्धता पक्की होती है।
भारत में हेलीकॉप्टर टूर: पूरे रूट की सूची
देश में सबसे ज़्यादा माँग यहीं है। भारत में हेलीकॉप्टर टूर दो बड़े परिवारों में आते हैं: हिमालयी तीर्थ सर्किट, और सैर या विरासत की उड़ानें। हम जो तीर्थ पैकेज व्यवस्थित करते हैं, वे सब हमारे हेलीकॉप्टर यात्रा पैकेज (अंग्रेज़ी में) पेज पर हैं।
हिमालयी तीर्थ सर्किट
- पूरा चारधाम सर्किट, चार से छह दिन। क्षेत्रीय केंद्रों से, मुख्य रूप से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड से, रूट क्रम से यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जाता है, ज़मीनी ट्रांसफ़र और दर्शन की व्यवस्था सहित। हेलीकॉप्टर से चारधाम यात्रा, सड़क और पैदल के थका देने वाले दस-बारह दिन के सफ़र को एक हफ़्ते से कम में समेट देती है, और बुज़ुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए यही इसकी असली वजह है। सीटें सीज़न से महीनों पहले खुलती हैं और आम तौर पर कुछ हफ़्तों में भर जाती हैं।
- दो धाम और एक धाम की उड़ानें। सबसे ज़्यादा माँगे जाने वाले दो धाम, आम तौर पर केदारनाथ और बद्रीनाथ, या एक धाम उसी दिन वापसी के साथ। इस श्रेणी में केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग सबसे आगे है, क्योंकि दूसरा रास्ता सोलह किलोमीटर की चढ़ाई है। फाटा, सेरसी और गुप्तकाशी से उसी दिन की शटल तीर्थयात्री को शाम से पहले दर्शन कराकर लौटा देती है; ये शटल टिकट केवल IRCTC से बिकते हैं, जबकि देहरादून से केदारनाथ पैकेज चार्टर के रूप में व्यवस्थित होते हैं।
- वैष्णो देवी शटल। कटरा बेस और साँझीछत हेलीपैड के बीच छोटी शटल, भीड़ वाले पैदल रास्ते से बचकर, केवल श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर बुक होती है; देखें वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर बुकिंग।
- अमरनाथ। यात्रा अवधि में नीलग्रथ (बालटाल, सोनमर्ग के पास) और पहलगाम से पंजतरणी तक, मौसम पर निर्भर उड़ानें।
- हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी (अंग्रेज़ी में)। गर्मी और मानसून के मौसमी समय में तीर्थयात्रियों, ट्रेकरों और वनस्पति विज्ञानियों को ग्लेशियर घाटियों और संरक्षित बुग्यालों तक। गोविंदघाट से घांघरिया हेलीकॉप्टर घांघरिया तक की 14 किमी चढ़ाई लगभग 8 मिनट में बचा देता है।
- कुंभ मेला चार्टर। हरिद्वार कुंभ 2027, नासिक सिंहस्थ 2027 और उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए चार्टर और, जहाँ अनुमति हो, छोटी राइड, वहीं उतरकर जहाँ मेला प्रशासन अनुमति दे।
- सीमा पार दर्रे और कैलाश मानसरोवर कनेक्टर। गहरी पहाड़ी घाटियों और ऊँचे पठारों से होकर सीमा क्षेत्र के चार्टर रूट: भारी मंज़ूरियाँ, मौसम पर निर्भर, और कम समय में उपलब्ध नहीं।
- क्षेत्रीय पहाड़ी यात्राएँ। किश्तवाड़ में मचैल माता जैसी स्थानीय शटल, सालाना उत्सव के समय तंग घाटी गलियारों में।
सैर, तटीय और विरासत की उड़ानें
हर उड़ान तीर्थ यात्रा नहीं होती। भारत में हेलीकॉप्टर टूर का बढ़ता हिस्सा सिर्फ़ मनोरंजन के लिए है।
- शहर की स्काईलाइन। बड़े शहरों से सप्ताहांत की छोटी जॉय राइड, स्काईलाइन, पुलों और तट के हवाई नज़ारों के साथ।
- द्वीप और बैकवॉटर। द्वीप श्रृंखलाओं, ज्वारीय मुहानों और अंदरूनी जलमार्गों के ऊपर कम ऊँचाई की तटीय उड़ानें, ख़ासकर दक्षिण के बैकवॉटर और तटीय रिसॉर्ट वाले इलाक़े।
- रेगिस्तानी क़िले और महल। रेगिस्तानी क़िलों, राजमहलों और उन जगहों के ऊपर विरासत रूट जो ऊपर से ही ठीक समझ आती हैं।
ये सैर वाले हेलीकॉप्टर टूर मौसम के तय कार्यक्रम पर चलते हैं, माँग पर नहीं, इसलिए इनमें चार्टर की जगह सीट बुक होती है।
अपनी उड़ान की योजना
पूछताछ से पहले कुछ बातें जानना उपयोगी है। हमारे साथ हेलीकॉप्टर बुकिंग के तीन तरीके हैं: तय उड़ान पर एक या ज़्यादा सीट, यात्रा पैकेज, या अपने समूह के लिए पूरा हेलीकॉप्टर।
- पहाड़ी सेक्टर मौसम पर उड़ते हैं, समय-सारिणी पर नहीं। केदारनाथ और बद्रीनाथ में निचले बादलों पर उड़ानें बिना ज़्यादा चेतावनी के रुक जाती हैं, और मानसून में पक्के स्लॉट का वादा करने वाला ऑपरेटर बढ़ा-चढ़ाकर बोल रहा है। तीर्थ योजना में एक अतिरिक्त दिन रखें।
- वज़न यात्रियों की सोच से ज़्यादा मायने रखता है। ऊँचाई वाले सेक्टरों पर प्रति व्यक्ति और सामान की सख़्त सीमा होती है, और ये सुरक्षा मार्जिन हैं, कारोबारी नीति नहीं। बुकिंग के समय वज़न सही बताएँ, ख़ासकर हिमालयी रूट पर।
- तीर्थ सेक्टर जल्दी बुक करें। चारधाम और अमरनाथ की सीटें महीनों पहले खुलती हैं और हफ़्तों में भर जाती हैं। शादी और फ़िल्मांकन अक्सर दो हफ़्ते में व्यवस्थित हो जाते हैं; सर्वे और इंडस्ट्रियल काम में परमिट के कारण आम तौर पर ज़्यादा समय लगता है।
- ऑपरेटर की जाँच करें। परमिट नंबर, बीमा और हेलीकॉप्टर का रजिस्ट्रेशन। इसमें एक फ़ोन कॉल लगता है, और भारत में किसी भी हेलीकॉप्टर बुकिंग से पहले यही सबसे काम की चीज़ है।
- समझें कि कोटेशन में क्या शामिल है। लैंडिंग शुल्क, हेलीपैड शुल्क, ज़मीनी ट्रांसफ़र और क्रू के रात रुकने का ख़र्च कभी-कभी अलग से बताया जाता है। सब कुछ शामिल एक रकम माँगें; भरोसेमंद हेलीकॉप्टर चार्टर सेवाएँ बिना बहस के देती हैं।