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उसी दिन वापसी

गंगोत्री यात्रा हेलीकॉप्टर से, देहरादून से उसी दिन

हर्षिल होकर गंगोत्री धाम के दर्शन, एक ही दिन में: प्राथमिकता पूजा, मंदिर तक साथ जाने वाली सहायता टीम, और अनुमति-प्राप्त भरोसेमंद ऑपरेटर। सुबह देहरादून से निकलें और दोपहर तक वापस।

देहरादूनबेस
गंगोत्रीधाम
उसी दिनवापसी
गंगोत्री धाम मंदिर

गंगोत्री हेलीकॉप्टर यात्रा का दिन कैसे चलता है?

गंगोत्री के लिए हेलीकॉप्टर हर्षिल में उतरते हैं, जो भागीरथी घाटी में मंदिर के नीचे सबसे पास का हेलीपैड है। हर्षिल से मंदिर तक का आख़िरी हिस्सा सड़क से है, और प्राथमिकता दर्शन के लिए सहायता टीम साथ रहती है। कोई पैदल चढ़ाई नहीं है: हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद चारों धामों में गंगोत्री तक पहुँचना सबसे आसान है।

तय कार्यक्रम के अनुसार (संभावित समय):

रिपोर्टिंग और उड़ान का सही समय यात्रा से एक दिन पहले बताया जाता है। ऊपर का कार्यक्रम केवल समझने के लिए है; मौसम या संचालन कारणों से आख़िरी समय पर भी बदल सकता है। उड़ान सुबह जल्दी है, इसलिए यात्रा की सुबह के बजाय एक शाम पहले देहरादून पहुँच जाएँ। देहरादून पहुँचना पैकेज में शामिल नहीं है; हेलीपैड और शहर से जाने वाली दूसरी उड़ानों के लिए देखें देहरादून में हेलीकॉप्टर सेवा।

हेलीकॉप्टर और यात्री

कीमत हेलीकॉप्टर की है, सीट की नहीं। एक हेलीकॉप्टर, उपलब्धता के अनुसार Bell 407 या AS 350 B3, उसी दिन की वापसी में अधिकतम 4 यात्रियों को ले जाता है।

पैकेज में क्या शामिल है, और क्या नहीं

शामिल:

शामिल नहीं: शुरुआती जगह (देहरादून) तक की यात्रा, भोजन, टिप, निजी ख़र्च, यात्रा बीमा, और जो कुछ भी शामिल सेवाओं में नहीं लिखा है।

यह यात्रा किसके लिए ठीक है?

अगर समूह में किसी को कोई बीमारी या स्वास्थ्य समस्या है, तो पूछताछ में ज़रूर बताएँ, ताकि हर्षिल पर ज़मीनी टीम ट्रांसफ़र की तैयारी कर सके।

सीज़न, मौसम और एक अतिरिक्त दिन

गंगोत्री मंदिर वसंत में अक्षय तृतीया पर खुलता है और दिवाली के आसपास बंद होता है, जब माँ गंगा सर्दियों के लिए मुखबा चली जाती हैं; हेलीकॉप्टर यात्रा इसी सीज़न में चलती है। इसमें मई-जून और फिर सितंबर-अक्टूबर में उड़ान सबसे आसान रहती है; जुलाई-अगस्त के मानसून में बादल और बारिश से उड़ानें अक्सर रुक जाती हैं। महीने-दर-महीने जानकारी चारधाम हेलीकॉप्टर यात्रा का सबसे अच्छा समय (अंग्रेज़ी में) में है।

पहाड़ी उड़ान देहरादून, रास्ते और हर्षिल, तीनों के मौसम पर निर्भर है। सुबह बादल हों तो बाद में साफ़ हो सकता है, इसलिए अपनी तारीख़ के बाद देहरादून में एक अतिरिक्त दिन रखें। तब मौसम की देरी छोटा इंतज़ार बनती है, छूटे हुए दर्शन नहीं।

कीमत किन बातों पर निर्भर है?

कीमत अनुरोध पर है: टैक्स और राज्य सरकार की रॉयल्टी सहित लिखित कोटेशन, किसी भी भुगतान से पहले। कीमत हेलीकॉप्टर के हिसाब से है, इसलिए हर यात्री का हिस्सा मुख्य रूप से इस पर निर्भर है कि आप चार में से कितनी सीटें भरते हैं। इसके अलावा:

भुगतान से पहले क्या जाँचें

ध्यान दें: हम केदारनाथ के आधिकारिक हेलीकॉप्टर टिकट जारी नहीं करते। केदारनाथ टिकट केवल heliyatra.irctc.co.in पर बुक करें।

यमुनोत्री के साथ, या चारों धाम

यमुनोत्री दूसरा पश्चिमी धाम है। उसका हेलीपैड खरसाली में है, और वहाँ से मंदिर तक 5 किमी की खड़ी चढ़ाई पैदल, पोनी या पालकी से है, इसलिए यह गंगोत्री से कहीं ज़्यादा मेहनत माँगता है। आप यमुनोत्री यात्रा हेलीकॉप्टर से अलग से कर सकते हैं, या दोनों एक दिन में: गंगोत्री यमुनोत्री हेलीकॉप्टर यात्रा देहरादून से खरसाली, फिर खरसाली से हर्षिल, और वापस देहरादून उड़ती है। केदारनाथ और बद्रीनाथ भी जोड़ने हों तो देखें चारधाम यात्रा हेलीकॉप्टर से, जिसमें खरसाली और हर्षिल में रात रुकना शामिल है। उत्तराखंड की सभी हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए देखें उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर सेवा।

गंगोत्री यात्रा बुक करें

तारीख़ और यात्रियों की संख्या बताएँ

अपनी तारीख़, यात्रियों की संख्या और उनका वज़न भेजें; हम उपलब्धता और लिखित कोटेशन के साथ जवाब देंगे, कुछ भी बुक होने से पहले।

प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गंगोत्री हेलीकॉप्टर यात्रा एक दिन में कैसे होती है?
यह देहरादून से उसी दिन वापसी वाली यात्रा है। हेलीकॉप्टर लगभग 07:00 बजे देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड से उड़ता है और लगभग 08:00 बजे हर्षिल में उतरता है। हर्षिल पर हमारी सहायता टीम आपसे मिलती है और सड़क से गंगोत्री मंदिर ले जाती है, जहाँ प्राथमिकता दर्शन कराए जाते हैं। वापसी की उड़ान लगभग 11:00 बजे हर्षिल से निकलती है और लगभग 12:00 बजे देहरादून पहुँचती है, जहाँ सेवाएँ समाप्त होती हैं।
गंगोत्री हेलीकॉप्टर बुकिंग की कीमत क्या है?
कीमत अनुरोध पर है। यह अधिकतम 4 यात्रियों के लिए निजी, उसी दिन वापसी वाली यात्रा है, और आपकी तारीख़ व समूह के लिए टैक्स और राज्य सरकार की रॉयल्टी सहित लिखित कोटेशन किसी भी भुगतान से पहले दिया जाता है। पूछताछ फ़ॉर्म से या +91-9634801801 पर फ़ोन करके पूछें।
गंगोत्री हेलीकॉप्टर पैकेज में क्या शामिल है?
हर्षिल पर आगमन सहायता और हर्षिल से गंगोत्री मंदिर तक सड़क यात्रा, गंगोत्री प्राथमिकता पूजा पास, आगमन और प्रस्थान पर सहायता, ईंधन, टोल, पार्किंग शुल्क और ड्राइवर भत्ता, और सभी लागू टैक्स। देहरादून तक की यात्रा, निजी ख़र्च, टिप और जो कुछ शामिल सेवाओं में नहीं लिखा है, वह शामिल नहीं है।
क्या गंगोत्री हेलीकॉप्टर यात्रा में भोजन शामिल है?
नहीं, भोजन शामिल सेवाओं में नहीं है। यात्रा बीमा, टिप और जो कुछ भी सूची में नहीं है, वह भी शामिल नहीं है। इनका ख़र्च यात्री पैकेज की कीमत के अलावा ख़ुद उठाते हैं।
गंगोत्री के लिए कौन सा हेलीकॉप्टर उड़ता है और कितने यात्री जा सकते हैं?
उपलब्धता के अनुसार Bell 407 या AS 350 B3 हेलीकॉप्टर। एक हेलीकॉप्टर में अधिकतम 4 यात्री जा सकते हैं, और सभी यात्रियों का कुल वज़न 300 किलो से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। हेलीकॉप्टर देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड से हर्षिल जाता है, जहाँ से समूह सड़क से गंगोत्री मंदिर पहुँचता है।
गंगोत्री हेलीकॉप्टर में कितना सामान ले जा सकते हैं?
हर यात्री अधिकतम 5 किलो सामान ले जा सकता है, और उड़ान में केवल एक छोटा बैग (अधिकतम 2 किलो) ले जाने की अनुमति है। बड़ा या भारी सामान हेलीकॉप्टर में नहीं जाता। ये सीमाएँ देहरादून से हर्षिल और उसी दिन की वापसी, दोनों उड़ानों पर लागू हैं।